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मस्तानी चूत और मस्ताने लंड के दोहे

byraviram69©

मस्तानी चूत और मस्ताने लंड के दोहे
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प्रेषक : रविराम69 © "लॅंडधारी" (मस्तराम मुसाफिर)

Note:
This Poem has adult and incest contents. Please do not read who are under 18 age or not like incest contents. This is a sex poem in hindi font, adult story in hindi font, gandi kahani in hindi font, family sex stories

Tags:
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मेरा परिचय
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दोस्तो, मेरा नाम रविराम है, दोस्त मुझे 'लॅंडधारी' रवि के नाम से बुलाते हैं। मेरा लंड 9 इंच लम्बा और 2 इंच मोटा है। जब मेरा लंड खड़ा (टाइट) होता है तो ऐसा लगता है जैसे किसी घोड़े या किसी गधे का लंड हो । मेरे लंड का ख़ास आकर्षण है मेरे लंड का सुपाड़ा, मेरे लंड का सुपाड़ा किसी मोटे लाल प्याज़ की तरह से है, जब वो चूत या गाँड के अंदर-बाहर होते हुए घर्षण करता है तो और भी टाइट हो जाता है और लड़की/ औरत की चूत या गाँड को भी बहुत आनंद मिलता है और जिसके अन्दर जाये, उसकी चूत का पानी निकाल कर ही बाहर आता है, और वो लड़की या औरत मेरे इस लंबे, मोटे और पठानी लंड की दीवानी हो जाती है । आज तक मैंने बहुत सी शादीशुदा और कुवांरियों की सील तोड़ी है और सभी मेरी आज तक दीवानी हैं।


चूंची खोले बीवियाँ, मियां दिखाते लण्ड ।
बुर अपनी चुदवा रही अदल बदल कर लण्ड । ।

बीवी मेरी चोदिये, जम कर मेरे यार ।
बीवी तेरी चोद लूँ , लण्ड मेरा तैयार । ।

नंगी नंगी चूंचियां , नंगी नंगी गांड ।
नंगी नंगी चूत है , नंगे नंगे लांड । ।

लण्ड पराया हाथ में , क्यों न चुदाऊँ चूत ।
चूत परायी चोद कर, हुआ लण्ड मजबूत । ।

बीवी मेरी चोद कर, तूने किया कमाल ।
मैं भी तेरी चोद कर, किया सुपाडा लाल । ।

तेरी बीवी चोदकर , मेरा लौडा मस्त ।
मेरी बीवी चोदकर, तेरा लौडा मस्त । ।

नंगी नंगी बीवियाँ , देती बुर फैलाय ।
मुझको पहले चोदिये , पड़ी पड़ी चिल्लाय । ।

मोटा तेरा लण्ड है, छोटी मेरी चूत ।
फ़िर भी मैं चुदवाऊँगी, चूत मेरी मजबूत। ।

चोदो सबकी बीवियाँ, मारो सबकी गांड ।
सबकी सब चुदवायेंगी पकड़ पकड़ कर लांड । ।

मियां तुम्हारा बेशरम,चूंची खोली मोर ।
लगा चूसने जोर से, लण्ड मचाये शोर । ।

तीन लण्ड से चुद रही, तेरी बीवी मस्त ।
चूत पड़ी मुश्का रही, लण्ड हो गए पस्त । ।

मेरी बीवी ने लिया, पकड़ तुम्हारा लण्ड ।
तेरी बीवी ने किया , मस्त हमारा लण्ड । ।

इसकी उसकी चूत में, तेरा मेरा लण्ड ।
मस्त पड़ी चुदवा रहीं, चूसे चाटे लण्ड । ।

बुर चोदी सब बीवियाँ , नंगी रहीं चुदाय ।
लौडा सबके पकड़ के , सड़का रही लगाय । ।

चूंची सब चुदवा रहीं, बदल बदल कर लण्ड ।
दोनों हाथों में लिए, चूसें सबके लण्ड । ।

मेरी बीवी दे रही, तुमको अपनी चूत ।
तेरी बीवी दे रही , मुझको अपनी चूत । ।

पेलवा कर लौडा मेरा, तेरी बीवी मस्त ।
मेरी भी चुदवा रही, सब मर्दों से मस्त । ।


समाप्त

दोस्तो, कैसे लगी ये आपको ,

कहानी पड़ने के बाद अपना विचार ज़रुरू दीजिएगा ...

आपके जवाब के इंतेज़ार में ...

आपका अपना

रविराम69 (c) "लॅंडधारी" (मस्तराम - मुसाफिर) at raviram69atrediffmaildotcom

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